Sunahari Chhanv

ट्रस्ट के उद्देश्य :

साहित्यिक/शैक्षिक गतिविधियाँ :

1. साहित्य के उत्थान/सेवा हेतु नवोदित कवियों/साहित्यकारों को मंच प्रदान करना |

2. नवोदित कवियों/साहित्यकारों एवं वरिष्ठ कवियों/साहित्यकारों के संयुक्त तत्वाधान में भारत देश के विभिन्न शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में समय समय पर कवि सम्मलेन एवं साहित्यिक अधिवेशन का आयोजन करना |

3. साहित्य का प्रचार-प्रसार कर जन-जन को राजभाषा हिंदी एवं भारत में अन्य बोली जाने वाली भषाओं का साहित्य के प्रति जागरूक करना |

4. समय-समय पर हिंदी की काव्य, आलेख एवं कहानी आदि की पुस्तकें/ पत्रिकाएँ प्रकाशित करवा निशुल्क वितरण करना |

5. प्राविधिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा व सतत शिक्षा हेतु कार्य करना |

6. विद्यालय खोलना और ज्ञानार्जन के लिए पुस्तकालय केंद्र एवं वाचनालय केंद्र की व्यवस्था करना और उनका संचालन करना |

7. शिक्षा हेतु सब नागरिकों को प्रोत्साहित करना तथा सरकारी शिक्षा नीतियों व संस्था द्वारा बनाई गयी योजनाओं को मूर्त रूप देना | निरक्षरता उन्मूलन हेतु जनजागरण करना | प्रोढ़ शिक्षा, बाल शिक्षा, नर्सरी एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था करना |

8. साक्षरता अभियान तथा प्रौढ़ शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार करना |

9. शारीरिक एवं मानसिक रूप से विकलांगों, अल्पसंख्यक, पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं निर्बल वर्ग के लोगों को निशुल्क शिक्षित एवं प्रशिक्षित करके उनको आत्मनिर्भर बनाने हेतु सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाओं को मुहैया कराना |

सामाजिक गतिविधियाँ

1. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं, पुरूषों, कारीगरों और किसानों की सामाजिक, शैक्षिक, नैतिक, आध्यात्मिक तथा चारित्रिक विकास करना |
2. खादी ग्रामोध्योग, लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योग, कृषि पशु पालन के माध्यम से रोजगार सुलभ करना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण एवं अनुसन्धान कराना |
3. भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लोगों को प्रशिक्षण देना जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें तथा अन्य स्वैछिक संगठनों के साथ कार्य करना |
4. स्वास्थ्य, चिकित्सा, मद्यनिषेध, कुष्ठ निवारण एवं स्वछता सम्बन्धी कार्यक्रमों में सहयोग करना |
5. ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं के लिए सिलाई, बुनाई, कढाई, खाद्य प्रसंस्करण एवं समस्त प्रकार के निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करना |
6. पर्यावरण एवं प्रदुषण सुधार सम्बन्धी कार्य करना |
7. महिला एवं बाल विकास के लिए कार्य करना |
8. लुप्त हो रहे जीव जंतुओं के संरक्षण हेतु अभ्यारण की व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए जीव-जंतुओं से संवर्धन और उपयोगिता को बढ़ावा देना जैसे-कुकुर, सूअर, दुधारू पशु, मतस्य, भेड़ एवं रेशम कीट पालन, दुग्ध उत्पाद तथा अन्य कृषि उत्पाद पर आधारित कार्यों का विकास एवं संचालन |
9. सभी तरह के शिक्षित एवं अशिक्षित वर्गों, बेरोजगारी को सरकारी नीतियों, उनके कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा उनको बैंकों आदि से ऋण लेकर, स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना |
10. समाज के परित्यक वर्गों जैसे – वेश्याओं, किन्नरों, कुष्ठ रोगिओं, एड्स पीड़ितों आदि की समस्याओं के निवारण का प्रयास एवं उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना |
11. ई-केयर सेंटर, महिला एवं शिशु कल्याण केंद्र, मनोरंजन एवं शिक्षा केंद्र आदि की स्थापना एवं संचालन, उपभोक्ता शिक्षा केंद्र, कार्यशाला, सेमिनार आदि की व्यवस्था तथा यातायात नियमों की जानकारी देना एवं उनको जागरूक बनाना |
12. असंगठित एवं संगठित मजदूरों के विकास के लिए या गृह विहीन लोगों को आवास सुविधा उपलब्ध कराना |
13. दैवी आपदा, सूखा एवं भूकंप पीड़ितों की सहायता करना |
14. समाज कल्याणी योजनाओं का प्रचार-प्रसार व संचालन करना |
15. विकलांग, मानसिक रूप से कमजोर, निर्धन व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के सर्वागीण विकास हेतु कार्य करना |
16. अल्पसंख्यकों के उत्थान हेतु कार्य करना |

सांस्कृतिक गतिविधियाँ

1. समय समय पर ग्रामोद्योग प्रदर्शनी, सेमिनार, प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना |
2. शहरी व ग्रामीण इलाकों में पर्व एवं त्योहारों के उपलक्ष में महिलाओं, बच्चो एवं जरुरतमंदों को फल, मिठाई एवं वस्त्र वितरण करना |
3. राष्ट्रिय पर्व गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराना |
4. तीज एवं करवाचौथ पर पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को मेहंदी आदि की व्यवस्था कराना |
5. संस्था द्वारा समय समय पर अलग अलग स्थानों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराना |
6. अंध विद्यालय एवं वृधाश्रम में जाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराना |
7. अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिला एवं बच्चों को शिक्षा एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना |